एक पेड़ जो जंजीरों में कैद है क्यों?

    पाकिस्तान की एक पेड़ की ऐसी कहानी सालों से जंजीरों में कैद है

हम आज आप को एक कहानी ऐसा बताने जा रहे हैं जिसे सुन कर आप चौंक जाएंगे। यह कहानी साल 1898 का है, जब इस पेड़ को गिरफ्तार किया गया था। दरअसल यह मामला पाकिस्तान के पेशावर का है, जहाँ जंजीरों में लिपटा एक बरगद का पेड़ देख सकते हैं। जो एक अग्रेंजी अफसर ने नशे में धुत्त होकर इस पेड़ को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था, यह आज भी जंजीरों में जकड़ा हुआ मौजूद है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह में तैनात जेम्स स्क्विड नामक एक ब्रिटिश अफसर नशे में धुत होकर वह पार्क में घूम रहा था, तभी नशे में धुत जेम्स स्क्विड को लगा कि पेड़ उसके सामने से भाग रहा है। वहां तैनात सिपाहियों ऑर्डर को  दिए कि पेड़ को तुरंत अरेस्ट कर जंजीरों से जकड़ दिया जाय। सिपाहियों ने अपने अफसर के कहने पर पेड़ को गिरफ्तार किया गया था,  जो 122 सालों से जंजीरों में कैद है।

पाकिस्तान एक देश भी बना गये, लेकिन आज भी इस पेड़ को जंजीरोंं से मुक्त नहीं किया गया है। यह पेड़ अंग्रेजों के जुल्म का एक जिताजागता नमूना है। आज यह पर्यटकों के आकर्षण केंद्र बना गया है। लोग फोटो भी खिचवाते हैं, और अंग्रेजी शासन की क्रूरता की कल्पना करतें हैं। पेड़ पर एक बोर्ड भी लटका हुआ है जिसमें लिखा है “आई एम अंडर अरेस्ट”।

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